Published : Jul 20, 2026 08:04 pm IST, Updated : Jul 20, 2026 08:06 pm IST
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दिल्ली के जंतर-मंतर में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए उग्र प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए। दिल्ली पुलिस से इस प्रदर्शन को लेकर अनुमति नहीं मांगी गई थी। प्रदर्शनकारी संसद भवन की तरफ बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग कर दी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाई तो पुलिस के साथ उनकी झड़प हो गई। इस झड़प में कई लोग घायल हो गए।
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झड़प में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। वहीं, कई प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आई हैं। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर लिखा कि सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजली जी के साथ बदसलूकी हुई है। एक 13 साल की लड़की पर हमला हुआ है और 40 से 50 लोगों के सिर फूटे हैं। हालांकि, पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक की पत्नी के साथ कोई बदसलूकी नहीं हुई है और न ही किसी लड़की पर हमला हुआ है। 40-50 लोगों के सिर फूटने की खबर भी गलत है।
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दिल्ली पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब तक पथराव की घटनाओं से 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल होने की जानकारी सामने आई है, जिनको अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। घायलों में दस से ज्यादा IPS और DANIPS अधिकारी भी शामिल है, जो हालात पर काबू पाने के लिए नई दिल्ली के अलग अलग इलाकों में तैनात किए गए थे। पुलिस ने बताया कि अभी घायल पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि बहुत से घायल पुलिसकर्मी अभी भी अस्पताल में इलाज शुरू होने की प्रक्रिया में हैं।
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प्रदर्शन में शामिल 17 वर्षीय अंशिका ने बताया कि सोमवार सुबह घर से निकलने से पहले उसने अपने परिवार को बताया था कि वह स्कूल जा रही है, लेकिन वह परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग करने के लिए 'कॉकरोच जनता पार्टी'के विरोध मार्च में शामिल होने मध्य दिल्ली पहुंच गई। संसद की ओर मार्च के दौरान, जब वह और अन्य प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तो महिला पुलिसकर्मियों ने उसे नीचे खींच लिया।
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दिल्ली के बदरपुर की रहने वाली अंशिका ने अपने हाथ पर आए खरोंच के निशान दिखाते हुए कहा, "हम अपने परिवारों से झूठ बोलकर यहां इसलिए नहीं आए थे कि हमें अपराधियों की तरह उठाया जाए और हिरासत में लिया जाए।" उन्होंने दावा किया कि उन्हें पैर पकड़कर नीचे खींचा गया और दो महिला पुलिसकर्मियों ने मजबूती से पकड़ लिया। अंशिका ने कहा कि वह न केवल परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से नाराज थीं, बल्कि प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत न होने से भी आहत थीं। उन्होंने कहा, "जब चुनाव का समय होता है, तो वे हमारे घरों पर आते हैं और वोट मांगते हैं। लेकिन नीट पर्चा लीक मामले पर बातचीत करने के लिए वे आगे भी नहीं आए।"
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दिल्ली पुलिस ने सोमवार को कहा कि उसने उस वायरल ड्रोन वीडियो का संज्ञान लिया है, जिसमें प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग पर इकट्ठा होते दिखाया गया है और कथित रूप से अनधिकृत तौर पर ड्रोन का संचालन करने के इस मामले की जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा, "फुटेज की प्रामाणिकता और ड्रोन संचालन से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। कानूनों और ड्रोन नियमों के उल्लंघन के लिए उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
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एक पुलिस सूत्र ने कहा कि सोशल मीडिया पर ड्रोन फुटेज सामने आने के बाद जांच शुरू की गई। सूत्र ने कहा कि नयी दिल्ली जिला एक अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र है जहां ड्रोन उड़ाने के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य है और निर्धारित नियमों का किसी भी तरह से उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले दिन में, हजारों प्रदर्शनकारी संसद मार्ग के पास एकत्र हुए और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया। पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।
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शिक्षा में सुधार के लिए 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन में छात्र संगठनों ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस),स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं और कई पेशेवरों ने हिस्सा लिया। 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम्' और 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारों के बीच, प्रदर्शनकारियों ने अति सुरक्षा वाले क्षेत्र में एहतियातन लगाए गए कई अवरोधकों को पार करने की कोशिश की, जिससे धक्का-मुक्की जैसी स्थिति पैदा हो गई। भीड़ में मौजूद उपद्रवियों ने वस्तुएं भी फेंकीं, जिससे पुलिस समेत कई लोग घायल हो गए। कई प्रदर्शनकारी घायल हुए और कई पुलिसकर्मी खून से लथपथ दिखे।
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पुलिस द्वारा ले जाए जाते समय एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ''हम यहां शिक्षा में सुधार के लिए अपनी आवाज उठाने आए हैं। अपनी बात रखे बिना हम पीछे नहीं हटेंगे। हमें जेल जाने से कोई डर नहीं है।'' अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन के निकास द्वार संख्या- 2 के बाहर आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। उन्होंने बताया कि 70 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के आदेश पर नयी दिल्ली के आस-पास इंटरनेट सेवा भी निलंबित कर दी गई।
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प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के बीच जहां बहुत से लोग तितर-बितर हो गए, वहीं एक प्रदर्शनकारी अपनी जगह पर डटा रहा। वह बार-बार कहता रहा ''मारो सर, मारो'' और पुलिसकर्मियों की कार्रवाई के बावजूद एक बार भी पीछे नहीं हटा। कॉजपा की ओर से आयोजित संसद मार्च के दौरान यह घटना कैमरे में दर्ज हो गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारी अवरोधकों को पार करने की कोशिश की, लाठीचार्ज का सामना किया और आंसू गैस के गोलों से भी जूझे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में टी-शर्ट और पतलून पहने एक व्यक्ति को लाठियों से लैस सुरक्षाकर्मियों के समूह के सामने खड़े देखा गया। वह बार-बार कह रहा था, ''मारो सर, मारो सर।''